नागपुर न्यूज डेस्क: वडोदरा की फैमिली कोर्ट ने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता न देने का दोषी ठहराते हुए 2,200 दिनों (लगभग छह साल) की जेल की सजा सुनाई है। महाराष्ट्र के नागपुर निवासी यह व्यक्ति, जो वहां मिठाई का कारोबार करता है, अपनी पत्नी से अलग रह रहा है। अदालत के आदेश के मुताबिक, उसे अपनी पत्नी को 18.60 लाख रुपये का भुगतान करना होगा, अन्यथा उसे सजा भुगतनी पड़ेगी।
इस मामले में पीड़ित महिला, जो वडोदरा में अपने माता-पिता और भाई के साथ रहती है, ने अदालत में भरण-पोषण का दावा दायर किया था। महिला के वकील महेंद्र परमार के अनुसार, 2012 में शादी के बाद 2014 से दोनों अलग रह रहे हैं। 30 दिसंबर 2017 को अदालत ने पति को आदेश दिया था कि वह 25,000 रुपये मासिक भरण-पोषण के रूप में दे, लेकिन उसने अब तक एक भी भुगतान नहीं किया।
महिला के वकील द्वारा गुजारा भत्ता वसूलने के लिए कई आवेदन दायर किए गए थे, जिनमें से तीन पर सुनवाई हुई। अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान आरोपी को तीन आवेदनों पर अलग-अलग सजा सुनाई—पहले मामले में 1,230 दिनों की सजा और 10.30 लाख रुपये की देनदारी, दूसरे में 360 दिनों की सजा और 3 लाख रुपये की देनदारी, और तीसरे में 630 दिनों की सजा और 5.30 लाख रुपये की बकाया राशि तय की गई।
महेंद्र परमार के अनुसार, इस व्यक्ति पर घरेलू हिंसा के मामलों में भी वित्तीय देनदारियां पेंडिंग हैं और अदालत ने उसे अपनी अलग रह रही पत्नी के लिए किराए का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है। कुल मिलाकर, व्यक्ति पर 33 लाख रुपये की बकाया राशि है और नौ साल की संभावित सजा का सामना कर सकता है। अब उसे अदालत से रिहा होने के लिए पूरी रकम चुकानी होगी या फिर 2,200 दिन जेल में बिताने होंगे।